मध्यप्रदेश में 20 दिन पहले जो प्याज सरकार के आंसू निकाल रही थी, अब वही प्याज आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाली है। मंडियों में प्याज की आवक कम होने से प्याज के भाव ने तेजी पकड़ ली है। थोक में अच्छी प्याज 18 से 20 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है। ठेलों पर प्याज 25 से 30 रुपए मिलने लगी है। जानकारों की मानें तो अगस्त में प्याज, टमाटर की तरह आम आदमी के आंसू निकालने लगेगी। वहीं दूसरी ओर टमाटर के भी भाव कम नहीं हो रहे हैं। टमाटर लोगों को 80 रुपए किलो मिल रहा है।

प्रदेश में प्याज की बंपर पैदावार होने पर गर्मियों में प्याज के भाव में भारी गिरावट आ गई थी। किसानों ने प्याज को सड़कों पर फेंकना शुरू कर दिया था और आंदोलन भी किया था। इसके बाद सरकार ने किसानों से 8 रुपए किलो के हिसाब से प्याज खरीदकर राशन की दुकानों पर 2 से 3 रुपए किलो बिकवा दी।

इसके अलावा भीगने की वजह से बड़ी मात्रा में प्याज तौल सेंटर पर ही सड़ गई और रैक भी खराब हो गया। अब सरकारी प्याज खत्म होने के बाद प्याज के भाव ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले डेढ़ हफ्ते में प्याज के भाव में 10 से 12 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ठेलों पर प्याज महंगी हो गई है। इसके अलावा धनिया, मिर्ची, टमाटर लोगों की पहुंच से बाहर बने हुए हैं।

इसलिए बढ़े प्याज के दाम

– मंडी में प्याज सस्ती होने के बाद सरकार ने 8 रुपए प्याज खरीदी थी। इसके चलते किसान के पास मौजूद प्याज के स्टॉक को सरकारी कांटे पर बेच दिया। जिसके चलते किसान के पास प्याज का स्टॉक नहीं रहा।

– जब प्याज सस्ती हुई तो व्यापारी ने उसे स्टोर कर लिया है। वहीं सरकार ने अपनी प्याज को राशन की दुकान पर बेच दिया। साथ ही वह सड़ भी गई। अब प्याज का स्टोर व्यापारी के पास है। देशभर की दूसरी मंडियों से प्याज की मांग आ गई है, जिसके चलते प्याज की आवक कम हो गई है। इस कारण भाव में वृद्धि हो रही है।

– आलू प्याज के व्यापारी इमरान का कहना है कि आवक कम होने से वृद्धि हो रही है। हर रोज डेढ़ से दो रुपए की वृद्धि प्याज के दामों में हो रही है।

ये सब्जियां भी पहुंच से बाहर हो रही हैं

-धनिया-200 रुपए किलो

-हरि मिर्च-100 रुपए किलो

– टमाटर-80 रुपए किलो

– टिंडा-60 रुपए किलो

– ग्वार फली- 40 रुपए किलो

– कद्दू- 20 रुपए किलो

– लौकी 20 रुपए किलो

– तोरई- 30 रुपए किलो

– खीरा-40 रुपए किलो

– गोभी-60 रुपए किलो

– आलू-15 रुपए किलो

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