सी खगोलीय पिंड के धरती से टकराने पर क्या हो सकता है इसका अंदाजा हमें जल्द ही लग सकता है. भविष्य में ऐसी किसी स्थिति से तैयारी के लिए नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां एक परीक्षण करने जा रही हैं.

यह परीक्ष्ण अंतरिक्ष में वास्तविक स्थितियों में किया जाएगा. अक्टूबर में एक छोटा ऐस्टरॉयड धरती के पास से होकर गुजरेना वाला है. इसके पास से गुजरने पर बनने वाली स्थितियों का आकलन किया जाएगा.

ऐस्टरॉयड के गुजरने पर नासा और अन्य एजेंसियां यह जानने की कोशिश करेंगी कि भविष्य में किस तरह धरती को खगोलीय​ पिंडों के खतरे से बचा सकते हैं.

पृथ्वी को कोई खतरा नहीं

वैज्ञानिक इस ऐस्टरॉयड को करीब से देखने और समझने की कोशिश करेंगे. इसके अलावा खगोलिया पिंडों से टकराने की हालत में धरती को बचाने के लिए कौन-से सिस्टम उपलब्ध हैं इसका भी जायजा लेंगेग. इससे पता चलेगा कि ऐसी कोई मुसीबत आने पर दुनिया के अलग-अलग देश एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं.

इस ऐस्टरॉयड का नाम 2012 TC4 रखा गया है. यह धरती की ओर बढ़ रहा है और अक्टूबर तक यह पृथ्वी के पास से गुजरेगा. हालांकि, इसके गुजरने से धरती को कोई खतरा नहीं होगा. यह ऐस्टरॉयड अगर पृथ्वी के नजदीक आता भी है तो यह 4200 मील की दूरी से होकर निकल जाएगा.

वैज्ञानिक लगातार इसे ट्रैक कर रहे हैं और इसके माध्यम से ये जानने की कोशिश होगी कि धरती खगोलीय पिंडों से रक्षा के लिए कितनी तैयार है.

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