देशभर में करीब 11.44 लाख से अधिक पैन कार्ड या तो बंद कर दिये गये हैं या फिर निष्क्रिय कर दिये गये हैं। ऐसा अधिकांश उन मामलों में किया गया है जहां पर किसी के पास एक से अधिक पैन कार्ड था। यह जानकारी वित्त राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को दी है।

संतोष गंगवार ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया, ’27 जुलाई तक 11,44,211 ऐसे पैन कार्ड्स की पहचान की गई है जिनमें किसी एक ही व्यक्ति को एक से अधिक पैन जारी कर दिए गए हैं, अब उन्हें या तो बंद कर दिया गया या निष्क्रिय कर दिया गया है।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘पैन आवंटन का नियम है प्रति व्यक्ति एक पैन।’

साथ ही सरकार ने पैन और आधार को लिंक करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त तय कर दी है। इस तारीख तक लिंक न कराने पर करदाताओं की आईटीआर प्रोसेस नहीं होगी। इसके अलावा रेवेन्यू सेक्रेटरी ने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि पैन भी कैंसिल किया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि देशभर में कुल 25 करोड़ पैनकार्ड होल्डर है।

6.83 लाख से ज्यादा कंपनियों ने पैन कार्ड होने के बावजूद नहीं भरा
6.83 लाख से अधिक कंपनियों के पास स्थायी खाता नंबर (पैन) है, लेकिन उन्होंने 2016-17 के आकलन वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कराया। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने संसद को दी थी। आयकर विभाग के डेटाबेस के मुताबिक दिल्ली में इस तरह की कंपनियों की संख्या सबसे ज्यादा रही है। राजधानी में ऐसी कंपनियों की संख्या करीब 1.44 लाख रही है, इसके बाद मुंबई में 94,155 कंपनियां ऐसी रही हैं जिन्होंने पैन होने के बावजूद आकलन वर्ष 2016-17 के लिए आईटीआर फाइल नहीं किया।

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