श्रीनगर के पुलवामा में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में एक नागरिक के मारे जाने के खिलाफ अलगाववादियों के बंद को देखते हुये अधिकारियों ने श्रीनगर के कुछ हिस्सों में आज प्रतिबंध लगा दिया. पुलिस ने इस बात की जानकारी दी.

सैयद अली गिलानी और मीरवाइज उमर फारूख के नेतृत्व वाले हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों और जेकेएलएफ प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक ने कल फिरदौस अहमद की मौत की घटना के खिलाफ लोगों से बंद करने की अपील की है.

फिरदौस अहमद की मौत उस मुठभेड़ स्थल के निकट हुई, जहां लश्कर ए तैयबा के आतंकवादी अबु दुजाना सहित समूह के दो आतंकवादी मारे गए थे. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कदम उठाते हुए प्रतिबंध लगाए गए हैं.

श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों खन्यार, एमआर गंज, सफाकदल, रैनावाड़ी, क्राल खुद, नौहट्टा और मैसुमा में प्रतिबंध लगाए गए हैं. बंद के कारण अधिकांश दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहने के कारण पूरे कश्मीर में जनजीवन प्रभावित हुआ है.

अधिकारी ने बताया कि अधिकांश स्थानों में सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहे, लेकिन निजी कारें और ऑटोरिक्शा चल रहे थे. सरकार ने सड़क पर प्रदर्शनों से बचने के लिए आज घाटी में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया है.

पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बाधित कर दी गई हैं. हालांकि घाटी में कहीं और कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

अधिकारी ने बताया, ‘किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए दक्षिण कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है.’

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