ट मचेगी, आॅफरों की लूट. जी हां, एकदम सही पढ़ रहे हैं आप. सितंबर में देश में र्इ-काॅमर्श के जरिये उपभोक्ताआें को सामान बेचने वाली दो कंपनियां अमेजन आैर फ्लिपकार्ट आॅफरों की बरसात कराने जा रही हैं. त्योहारों का इंतजार सिर्फ भारत के लोगों को ही नहीं, बल्कि यहां पर कारोबार करने वाली उपभोक्ता वस्तु बेचने वाली देसी-विदेशी कंपनियों को भी है. यही वजह है कि र्इ-काॅमर्स क्षेत्र की ये दोनों कंपनियां सितंबर में गणेश चतुर्थी के समय से ही आॅफरों की बरसात करने जा रही है.

गौरतलब है कि इस महीने के अंत में गणेथ चतुर्थी है आैर इसके पहले गोविंदा आला रे यानी माखन चोर कृष्ण कन्हैया का जन्माष्टमी भी. ई-कॉमर्स कंपनियां अक्टूबर के बजाय सितंबर में अपनी सालाना फेस्टिव सेल्स शुरू करने की तैयारी में जुटी हैं. फ्लिपकार्ट और अमेजन दोनों फेस्टिव सीजन से पहले इस महीने छोटे आॅफर की शुरुआत करेंगी. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फेस्टिव सीजन की शुरुआत के साथ देश के ऑनलाइन रीटेल मार्केट में तेजी आ सकती है.

दरअसल, यह मार्केट इस वर्ष के अधिकतर समय नोटबंदी और जुलाई में वस्तु एवं सेवाकर (GST) लागू होने के कारण मंदा रहा है. फ्लिपकार्ट से जुड़े बहुत से मर्चेंट्स ने बताया कि कंपनी की बिग बिलियन डेज सेल सितंबर के बीच में शुरू होगी. अमेजन इंडिया के वेंडर्स ने भी सितंबर में ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल की शुरुआत की जानकारी दी है. ऐमजॉन इससे पहले 9 से 12 अगस्त तक एक छोटी ग्रेट इंडियन सेल का आयोजन करेगा. फ्लिपकार्ट भी इस महीने इसी तरह की सेल शुरू कर सकता है.

अमेजन इंडिया और फ्लिपकार्ट दोनों ने अपनी फेस्टिव सेल्स की तारीखों के बारे में बताने से मना कर दिया. 2016 में फ्लिपकार्ट और अमेजन इंडिया की फेस्टिव सेल्स इवेंट्स से संयुक्त ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू बढ़कर 90 करोड़ डॉलर यानी लगभग 5800 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी थी. यह आंकड़ा 2015 में लगभग 30 करोड़ डॉलर यानी लगभग 2000 करोड़ रुपये था. दोनों कंपनियों ने पिछले वर्ष अपनी फ्लैगशिप सेल्स की अवधि तीन से बढ़ाकर 5 दिन कर दी थी.

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