स्कूल शिक्षा विभाग ने परिवीक्षा अवधि पूरी कर चुके संविदा शिक्षकों का अध्यापक संवर्ग में संविलियन करने के निर्देश दिए हैं। संविलियन से पहले संविदा शिक्षकों का छानबीन समिति सत्यापन करेगी। मैदानी अफसर संविलियन में मनमानी कर रहे थे, जिसकी लगातार शिकायतें हो रही थीं। उधर, 10 फरवरी 2014 को गुरुजी से संविदा शिक्षक बने कर्मचारियों को अध्यापक संवर्ग के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

प्रदेश में वर्ष 2013-14 में 42 हजार 88 संविदा शिक्षकों की भर्ती हुई है। इनका इस साल अध्यापक संवर्ग में संविलियन होना है। विभाग ने इसी संबंध में निर्देश जारी किए हैं। संविलियन में कोई गड़बड़ी ने हो। इसलिए सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में छानबीन समिति बनाई गई है।

इसमें सीईओ जनपद पंचायत, डीईओ व आदिमजाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त और अनुसूचित जाति, जनजाति प्रवर्ग का एक अधिकारी सदस्य रहेगा। ऐसी ही समिति नगरीय निकाय के संविदा शिक्षकों के संविलियन के लिए बनाई जाएगी। समिति एक-एक प्रकरण का परीक्षण कर संविलियन की अनुशंसा करेगी। आजाद अध्यापक संघ ने पिछले महीने अफसरों से चर्चा में यह मांग उठाई थी।

इन्हें करना पड़ेगा इंतजार

प्रदेश में तीन हजार से ज्यादा गुरुजी 10 फरवरी 2014 को संविदा शिक्षक बने हैं। ये कर्मचारी परिवीक्षा अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन जिलों के अधिकारी इनका अध्यापक संवर्ग में संविलियन नहीं कर रहे हैं। आजाद अध्यापक संघ के अध्यक्ष भरत पटेल ने बताया कि डिंडौरी, होशंगाबाद सहित एक दर्जन जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी इस संबंध में शासन के अलग से आदेश मांग रहे हैं। पटेल बताते हैं कि तय प्रक्रिया के तहत इनका भी परिवीक्षा अवधि पूरी होते ही संविलियन होना चाहिए।

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